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Dr. Deepti Priya 

Psychologist and Author



Blog Posts

Four confident elements to raise a successful child

“Education is not the amount of information that is put into your brain and runs riot there, undigested, all your life. We must have life-building, man-making, character-making assimilation of ideas” – Swami Vivekananda

 

Every parent desire their children to succeed. The term success is r…

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संबंधों में प्रतिबद्धता आवश्यक

पत्रिका–प्रेरणा अंशु


लेख– संबंधों में प्रतिबद्धता आवश्यक


अंक–मार्च २०२२


लेखिका– दीप्ति प्रिया


आप पूरा लेख "प्रेरणा-अंशु" के वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। - https://www.prernaanshu.com/

 

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प्यार की पहचान यही

पत्रिका – अहा जिंदगी


लेख– प्यार की पहचान यही


फरवरी अंक, पूरा आलेख भास्कर app और ऑनलाइन पत्रिका में उपलब्ध है.

 

 

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बच्चों के भी मानवाधिकार हैं

शीर्षक: बच्चों के भी मानवाधिकार हैं


लेखिका: डॉ दीप्ति प्रिया


पत्रिका: प्रेरणा–अंशु (दिसंबर २०२१ संस्करण)


आप पूरा लेख "प्रेरणा-अंशु" के वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। - https://www.prernaanshu.com/


वेबसाइट पर "पुराने अंक" लिंक का उपयोग करक…

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बच्चा कें भावनात्मक रूप सं सशक्त बनाऊ

 

लेख शीर्षक: "बच्चा कें भावनात्मक रूप सं सशक्त बनाऊ", 
लेखिका: डॉ. दीप्ति प्रिया
पत्रिका: "मिथिलांगन" (त्रेमासिक पत्रिका),  अप्रैल-सितंबर २०२१ संस्करण

 

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आत्मसम्मान: बच्चो में आत्म–विश्वास बढ़ने का महत्वपूर्ण घटक

 

शीर्षक: आत्मसम्मान: बच्चो में आत्म–विश्वास बढ़ने का महत्वपूर्ण घटक
लेखिका: डॉ दीप्ति प्रिया
पत्रिका: बालकिरण एक उम्मीद... (बाल मासिक पत्रिका: अक्तूबर २०२१ संस्करण)

 

बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के सभी पहलुओं के लिए आत्मविश्वास अत्यंत आवश्यक घ…

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व्यक्तित्व के विकास का आधार

 

लेख शीर्षक: "व्यक्तित्व के विकास का आधार", लेखिका: डॉ. दीप्ति प्रिया
पत्रिका: "गौरवशाली भारत" (राष्ट्रीय मासिक पत्रिका),  सितंबर २०२१ संस्करण


स्वामी विवेकानन्द ने कहा था “बच्चे आशावादी पैदा होते हैं, लेकिन जीवन की अनुभूतियाँ सतत मोह भंग करती हैं”। बच्चे वही सीखते हैं जो वे प्रत्यक्ष द…

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बच्चों में आत्मसम्मान बढ़ाएं

शीर्षक: बच्चों में आत्मसम्मान बढ़ाएं
लेखिका: डॉ दीप्ति प्रिया
पत्रिका: चित्रांगन (स्मारिका २०२१)

 


माता-पिता व परिजन की छोटी-बड़ी सभी अभिव्यक्तियां संबंधों को परिपूर्ण या अपूर्ण बनाती हैं और आत्मविश्वास को सुदृढ़ या अदृढ़ करती है। जरूरत है सचेत और सतर्क  पालन-पोषण की। बच्चों पर निवेश कर…

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विमोह’ अध्यात्म प्रधान भारतीय संस्कृति का संवाहक है, भावात्मक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण का संग्राहक है।

डॉ दीप्ति प्रिया के आठ कविताओं का संग्रहविमोहअध्यात्म प्रधान भारतीय संस्कृति का संवाहक है, भावात्मक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण का संग्राहक है।श्रीमद्भगवद् गीता के पात्रों की भावनाओं को मनोवैज्ञानिक ढंग से ऐसा चित्रित किया गया है कि साम्प्रतिक व्यक्ति अपनी स्थिति/मनोदशा ही उ…

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‘विमोह’ की कविताओं को पढ़कर मानव मन सहज ही उद्वेलित हो उठता है और अपने अतीत में घटित घटनाओं से अपने आप का सम्बन्ध की तरह अनुभूत कर उठता है।

विमोहकी कविताओं को पढ़कर मानव मन सहज ही उद्वेलित हो उठता है और अपने अतीत में घटित घटनाओं से अपने आप का सम्बन्ध की तरह अनुभूत कर उठता है।मैं कवयित्री डॉ दीप्ति प्रिया को साधुवाद प्रदान करना चाहूंगा कि इसी तरह अपने अंतस्तल में प्रस्फुटित मनोगत भावों को अपनी लेखनी के माध्यम…

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